आरती
श्री गुरु श्री चन्द्र भगवान जी की
ओम जय श्री चन्द्र देवा, स्वामी जय श्री चन्द्र देवा।
सुर नर मुनि जन ध्यावत-2, सन्तन के साहिबा-हरि ओम्...
कलियुग घोर अन्धकार देखकर, धरियो अवतारा। स्वामी-
शंकर रूप सदाशिव-2, हर अपरम्पारा-हरि ओम्...
योगेन्द्र अवधूत सदा तुम बालक ब्रह्मचारी। स्वामी बालक-
भेष उदासीन पालक-2, महिमा अति भारी-हरि ओम्...
राम दास गुरु अर्जुन, सोढ़ी कुल भूषण। स्वामी सोढ़ी-
सेवत चरण तुम्हारे-2, मिट गये सब दूषण-हरि ओम्...
ऋद्धि सिद्धि के दाता, भगतन के त्राता। स्वामी भगतन-
रोग शोक सब काटो-2, शरणी जो आता-हरि ओम्...
भगत गिरि सन्यासी, चरणां विच गिरयो। स्वामी चरणां-
काट दियो भवबन्धन-2, शिष्य अपना करियो-हरि ओम्...
उदासीनो के मालक पालक, दुःख घालक। स्वामी पालक-
आचार्य शिर धार्यो-2, जग के संचालक-हरि ओम्...
बेदी वंश रखियो जग भीतर, कृपा कर भारी। स्वामी कृपा-
धर्म चन्द उपदेशियो-2, जावा बिलहारी-हरि ओम्...
गौर वर्ण तन भस्मी, कान में सजे मुद्रा। स्वामी कान-
बावरियां शिर शोभित-2, पिख कर जग उधारा-हरि ओम्...
पद्मासन को बांध, योग के लियो धारो। स्वामी योग-
ऐसो रूप तुम्हारो-2, मन में नित धारो-हरि ओम्...
जो जन आरती निशदिन बाबे की गावे। स्वामी बाबे-
बसे जी बैकुण्ठ नरनारी-2, सुख यश फल पावे-हरि ओम्...
राम नारायण आरती बाबे की साजी। स्वामी बाबे-
बाल यति श्री चन्द्र जी-2, जन पर रहो राजी-हरि ओम्...