गुरुद्वारा गदौरी साहिब

एक पवित्र तप स्थान जहाँ बाबा श्री चंद जी महाराज ने 22 दिनों तक तपस्या की।

22
दिन तपस्या
1700
विक्रमी संवत्
9
पवित्र वस्तुएं
84
सीढ़ियां - बावली

पवित्र तप-स्थान

गुरुद्वारा गदौरी साहिब बाबा श्री चन्द्र जी महाराज से जुड़ा एक पूजनीय तप-स्थान है - जो गुरु नानक देव जी के ज्येष्ठ पुत्र और उदासी संप्रदाय के संस्थापक थे।

संवत् 1700 विक्रमी में बाबा जी ने यहाँ 22 दिनों तक निरन्तर तपस्या की। सदियों से धरती के नीचे छिपा यह पवित्र स्थान, स्वामी दयानन्द जी को हुए दैवी दर्शनों के माध्यम से पुनः प्रकट हुआ।

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भौरा साहिब में 9 पवित्र वस्तुएं

स्वयं बाबा श्री चन्द्र जी द्वारा स्पर्श की गईं, सदियों से यहाँ श्रद्धा से सुरक्षित।

1. भौरा साहिब
2. धूणा साहिब
3. पवित्र चिमटा
4. बावली साहिब
5. चरण पादुका
6. सिमरना
7. सुनहरी जटाएं
8. मिट्टी का बर्तन
9. बड़ी बावली साहिब

दैनिक दीवान

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संध्या आरती 8:00 PM
सुखासन 9:00 PM

वीडियो

गुरुद्वारे एवं उसके पवित्र इतिहास की झलकियाँ।

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गदौरी ग्राम, कुल्लू में स्थित - भुन्तर हवाई अड्डे से केवल 3 कि.मी.